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15 March, 2025

तुम्हारा कोहिनूर

 


नहीं मिलेगा तुम्हे

मेरे  जैसा कोहिनूर ...

कीमत तब पता चलेगा

जब हो जाऊंगा तुमसे दूर ...

 

मुहब्बत दम न तोड़ दे

कही वक़्त के देहलीज़ पे ...

भुला कर सारी रंजिसे

कर लो प्यार भरपूर ....

 

अब जी लो संग संग

इन लम्हों को समेट लो ...

नहीं पता इन खुवाब का भी

हो ना जाये चकनाचूर .....

 

विवाद नहीं, विश्वास चाहिए

फिर होता है निभाने का

यक़ीनन रूहानी सुरूर ....

 

अगर न मिल पाओ उनसे कभी...

फिर भी जिंदा रहती है उम्मीदें....

और मुहब्बत हो अपनी सच्ची...

तो खुद पे ताउम्र होता है गुरूर .....

 

...भुला कर सारी रंजिसे

कर लो प्यार भरपूर.....


29 June, 2024

एक रूहानी रिश्ता




काश तुम अपनी हाथो खिलाती निबाला

जैसे कोई माँ ने अपने बच्चें को हो पाला ..!

 

कोमल हथेली से बालों को सहलाती  

अपने नोना बच्चे को अच्छे से नहलाती !

 

एक सुकून के खातिर, तेरे बाहों अकसर सोते  

मिले जो कभी दर्द तो तेरे सीने से लग कर रोते !

 

कभी रातों को जब भी नींद से डर जाता

तुम्हारे सीने से लगकर एक आहें भर लेता

 

कभी कोई आहट पर मैं जग न जाऊं

भूलकर कभी किसी के संग ना जाऊं !

 

इतना ख़याल रखती तुम मम्मा की तरह

मैं भी ताउम्र  निभाता बेटू  की तरह !

 

सारे रिश्तों का सयोंजन एक में दीखता

तुम मुझ पे मरती और मैं तुम पे मरता !


26 June, 2024

अध्यात्म


अध्यात्म के लिए अध्याय आवश्यक है

अध्याय के लिए अध्यन आश्यक है

अध्यन के लिए एकांत आवश्यक है

एकांत के लिए  प्रकृति का सानिंध्य आवश्यक है 

और इसी सानिंध्य में प्रेम के वास्तविक

एवं मूलभूत ज्ञान की प्राप्ति होती है

अंततः हमें ईश्वर के भी दर्शन संभव होते है  !

14 June, 2024

प्रेम



प्रेम एक आत्मीयता के साथ गहरी निस्वार्थ भाव से 
बिना शर्त किया गया सम्मानीय एवं निष्ठावान व्यावहार है  
जो आम मानव में मिलना एक इश्वर के मिलने जैसा है !

लिखिए अपनी भाषा में...

जीवन पुष्प

हमारे नये अतिथि !

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