* मुखपृष्ठ * * परिचय * * टैली इनर्जी * * रोमन-हिन्दी * * महाशब्दकोश * * कनवर्टर * * हिन्दी पैड * * संपर्क *
" जीवन पुष्प में आप सभी का हार्दिक स्वागत है "

" प्रकृति की गोद में खिला एक सुंदर कोमल पुष्प कली से फूल बनकर अपने सम्पूर्ण वातावरण को सुगन्धित करने का ध्येय रखते हुये कभी गर्मियों की तपिश, तो कभी बरसातों की बौछार, तो कभी शर्दियों की ठिठुरन और ना जाने क्या क्या सहकर ये अपने अस्तित्व को कायम रखने के लिए हर संभव कोशिश करता है। ये आने वाली पीढ़ी का सृजन कर मुरझाकर सूख जाता है और धरती पे गिरकर मिट्टी में विलीन हो जाता है। हमारा संपूर्ण मानव जीवन भी एक पुष्प के समान है...। "

Followers

06 October, 2011

तड़पते रिश्ते

मैं तन्हा कितना मजबूर हो गया
क्यों हमसे इतना वो दूर हो गया।

तसब्बूर में जिसको खुदा हमने माना
रौंद कर गुलशन वो काफूर हो गया।



तकदीर के दर्पण में तस्वीर बसाया था
आज मेरा वो आईना चूर-चूर हो गया।

कभी मुफलिसी पे फिक्र किये ही नही
उसे क्यों दौलत पे गूरुर हो गया।

मुश्किल से होता है मुकम्मल कोई रिश्ता
क्यों रिश्ता तोड़ने का 
उसे सरुर हो गया।

कल तलक जिंदा था जज्बा-ए-मुहब्बत
आज करके उसका कत्ल वो क्रुर हो गया।

बिखड़ गया वजूद तडपते रिश्तों का
कीया रब से दुआ सब नामंजूर हो गया।

उजाला था कितना रुहानी रिश्तों का
आज क्यों ये रिश्ता बेनूर हो गया।

No comments:

There was an error in this gadget

लिखिए अपनी भाषा में...

जीवन पुष्प

हमारे नये अतिथि !

Angry Birds - Prescision Select