* मुखपृष्ठ * * परिचय * * टैली इनर्जी * * रोमन-हिन्दी * * महाशब्दकोश * * कनवर्टर * * हिन्दी पैड * * संपर्क *
" जीवन पुष्प में आप सभी का हार्दिक स्वागत है "

" प्रकृति की गोद में खिला एक सुंदर कोमल पुष्प कली से फूल बनकर अपने सम्पूर्ण वातावरण को सुगन्धित करने का ध्येय रखते हुये कभी गर्मियों की तपिश, तो कभी बरसातों की बौछार, तो कभी शर्दियों की ठिठुरन और ना जाने क्या क्या सहकर ये अपने अस्तित्व को कायम रखने के लिए हर संभव कोशिश करता है। ये आने वाली पीढ़ी का सृजन कर मुरझाकर सूख जाता है और धरती पे गिरकर मिट्टी में विलीन हो जाता है। हमारा संपूर्ण मानव जीवन भी एक पुष्प के समान है...। "

Followers

15 October, 2011

मुहब्बत की शुरुआत


खामोश बैठी वो हसीन लग रही थी
खुदा की कसम, बहुत कमसीन लग रही थी।



पलकें हया से उठा कर देखती रही
सहला के जुल्फों को नजर फेरती रही।

मेरे दिल मे भी एक ख्वाब पलने लगा
धड़कन बढ़ ग और मन मचलने लगा।

बार बार चेहरे पे जुल्फों का गिरना
कानों में उसकी बालीयों का हिलना,

गजब ढा रहा था अधरों की मुस्कान
कातिल नजरे उसकी ले रही थी मेरी जान


वही पीपल के नीचे मुलाकात होने लगी
धीरे-धीरे प्यार की शुरुआत होने लगी

जाते - जाते हाथों से ईशारा कर गई
मैं उसपे मर गया, वो हम पे मर ग

सिलसिला मुलाकातों का और ही बढ़ते गया
मुहब्बत की सीढ़ी, मैं यूं ही चढ़ते गया...।

8 comments:

anju(anu) choudhary said...

waha prem ras mei bhigi ye rachna

संजय भास्कर said...

वाह!!!वाह!!! क्या कहने, बेहद उम्दा

Amrita Tanmay said...

सुन्दरता से अभिव्यक्त किया है ....!

pradeep tiwari said...

neelu ji ise anjam tak pahuchaiye abhi climex baki hai

Vibha Saurav Kumar said...

very true...........

NISHA MAHARANA said...

bhut achcha.

Reena Maurya said...

very nice

Naveen Mani Tripathi said...

vah kya anubhuti ? jeete rho nirala ji .

There was an error in this gadget

लिखिए अपनी भाषा में...

जीवन पुष्प

हमारे नये अतिथि !

Angry Birds - Prescision Select