* मुखपृष्ठ * * परिचय * * टैली इनर्जी * * रोमन-हिन्दी * * महाशब्दकोश * * कनवर्टर * * हिन्दी पैड * * संपर्क *
" जीवन पुष्प में आप सभी का हार्दिक स्वागत है "

" प्रकृति की गोद में खिला एक सुंदर कोमल पुष्प कली से फूल बनकर अपने सम्पूर्ण वातावरण को सुगन्धित करने का ध्येय रखते हुये कभी गर्मियों की तपिश, तो कभी बरसातों की बौछार, तो कभी शर्दियों की ठिठुरन और ना जाने क्या क्या सहकर ये अपने अस्तित्व को कायम रखने के लिए हर संभव कोशिश करता है। ये आने वाली पीढ़ी का सृजन कर मुरझाकर सूख जाता है और धरती पे गिरकर मिट्टी में विलीन हो जाता है। हमारा संपूर्ण मानव जीवन भी एक पुष्प के समान है...। "

Followers

08 October, 2011

मेरी नाजनी

मेरी नाजनी का नवसत दुति
छवि विभारन सी प्रस्तुति
रजनी में जो उसकी दीप्ति है,
मेरे तृषित मन की तृप्ति है।


प्रेमिल, रसवति, प्रियवादी वो
रंजिनी, मुखरित, नयन सादी वो
निधि विभा की वो सृष्टि है
मेरे तृषित मन की तृप्ति है।

मानवती, मानसी, वो नयनागर
पुलकित मन से वो मेरे घर
स्नेहों का जो करती वृष्टि है
मेरे तृषित मन की तृप्ति है।

करुण वेदना और सब की व्यथा
चेहरे को पढ, कह देती कथा
बड़ी अनोखी जो उसकी दृष्टि है
मेरे तृषित मन की तृप्ति है।

 हमे अपनी समाश्रय में रखना
प्रामद्य होकर प्रेमालाप करना
यही निरंतर जो उसकी कृति है
मेरे तृषित मन की तृप्ति है।

1 comment:

संजय भास्कर said...

काफी सुन्दर शब्दों का प्रयोग किया है आपने अपनी कविताओ में सुन्दर अति सुन्दर

संजय कुमार
आदत….मुस्कुराने की
http://sanjaybhaskar.blogspot.com

There was an error in this gadget

लिखिए अपनी भाषा में...

जीवन पुष्प

हमारे नये अतिथि !

Angry Birds - Prescision Select